Being Happy Is Practice

 Being Happy Is Practice

"Happy person meditating in nature practicing daily happiness habits"
क्या आप जानते हैं कि खुशी कोई गिफ्ट नहीं, बल्कि एक स्किल है जो प्रैक्टिस से आती है? बहुत सारे लोग खुशी को बाहर ढूंढते हैं जैसे अपनी नयी सरकारी नौकरी, रिलेशनशिप या पैसा। लेकिन स्टडी से ये पता लगा है कि खुशी 50% जेनेटिक्स, 10% सरकमस्टांसेज और 40% हमारे डेली हैबिट्स पर डिपेंड करती है (Sonja Lyubomirsky, 2005)। 
इसका मतलब हमारी हररोज की आदतें हमारी ख़ुशी को प्रभावित करती हैं। जब हम ख़ुशी को एक मंजिल की तरह देखते हैं कि "जब मेरी सरकारी नौकरी लग जाएगी या जब मेरी उस लड़की से शादी हो जाएगी तब मैं खुश रहूंगा" तो हम हमेशा उसके पीछे भागते रह जाते हैं। असल मे ख़ुशी तो सफर मे मिलती है, जब हम इसकी प्रैक्टिस करते है। इस ब्लॉग मे 10 प्रैक्टिकल तरीके बताऊंगा, जिनको आप रोज प्रैक्टिस करके खुश हो सकते हो। पढ़ते रहो और इसको आज से ही शुरू करो।

Why Happiness is a Practice, Not a Destination

ख़ुशी कोई भाव नहीं है, जो अचानक से आये और चली जाये। यह एक दिमाग की एक मांसपेशी की तरह है जिसे रोज व्यायाम की जरूरत होती है। जिस तरह जिम मे वजन उठाकर हम अपने शरीर को मजबूत बनाते है, वैसे ही माइंडफुलनेस और सकारातमक आदतों से हम अपनी ख़ुशी के मसल्स मजबूत होते है। 
हार्वर्ड यूनिवर्सिटी की 80 साल चली स्टडी ने साबित किया कि खुशी की असली वजह पैसा या सफलता में नहीं, बल्कि हमारे रिश्तो मे एक-दूसरे के लिए प्यार और आभार की भावना में छिपी है। जिन लोगो ने रिश्तो को अपने जीवन मे पहले नंबर पर रखा और आभार प्रैक्टिस की, वे लंबे समय तक खुश रहे। सबसे बड़ा एक मिथक यह है कि "खुशी अपने आप आएगी जब सब कुछ ठीक हो जाएगा"। परन्तु सच यह है कि जब आप अभ्यास करते है तभी सब कुछ ठीक होने लगता है। मैं फिर कहूंगा कि खुशी को मंजिल नहीं है, जहाँ पहुँचकर आप रुक जाएंगे, बल्कि यह एक सफर है जिसे आप रोज तय करते हैं।
"Happiness as a practice journey road to joy and positive mindset"

10 Daily Practices to Build हैप्पीनेस

Gratitude Journaling

एक आदत बना ले हर रात को सोने से पहले डायरी मे सिर्फ 3 चीज़े लिखे जिनके लिए आप आभारी है। यह कोई भी छोटी या बड़ी चीज़ हो सकती है। मैंने आज जल्दी उठकर एक्सरसाइज की, मेरा शरीर ठीक है, और मुझे एक दोस्त का फ़ोन आया। रिसर्च मे पता लगा है कि यह एक साधारण से लगने वाली आदत असल मे दिमाग को सकारातमक रखती है।

Mindfulness Meditation

आजकल सभी लोग मानसिक तनाव से गुजर रहे है, लेकिन रोज सिर्फ 10 मेडिटेशन इस समस्या को दूर कर सकता है। जो भी इंसान अपने वर्तमान मे जीता है, वह सब चीज़ो के अनुभव करता है। परन्तु जो अपने भूतकाल मे फंसा है, वह बार-बार उन चीज़ो से परेशान होता है, जो हो चुकी है और कुछ लोग भविष्य की चिंता मे रहते है जो हुआ नहीं।

Exercise Regularly

एक्सरसाइज हमारे शरीर के लिए बहुत फायदेमंद होती है, रोजाना 30 मिनट की वॉक, योग या कोई भी फिजिकल एक्टिविटी एंडॉर्फिन्स रिलीज करती है - यह शरीर का एक नेचुरल फील-गुड केमिकल्स हैं। एक्सरसाइज न सिर्फ हमारी बॉडी के लिए बल्कि माइंड के लिए भी जरूरी है। इसे करने के बाद शरीर हल्का सा लगता है जो ख़ुशी बढ़ाने के लिए बहुत है।

Acts of Kindness

अगर किसी की सहायता की जाये उससे मिलने वाली ख़ुशी दो गुनी होती है, एक तो सामने वाले की और दूसरी हमारी खुद की। यह हमारे एक छोटे से काम से भी हो सकता है, जैसे किसी के लिए दरवाजा खोलना, बस मे किसी जरूरतमंद को अपनी सीट देना, किसी के काम की तारीफ करना। यह तरीका हमें दूसरे लोगो से जोड़ता है और रिश्ते मजबूत बनाता है।

Positive Affirmations

अपने लिए अच्छे शब्दों का इस्तेमाल हमेशा अच्छा होता है। हररोज सुबह शीशे के सामने खड़े होकर खुद से बोले "मैं एक अच्छा इंसान हूँ और खुश रहने का हक़दार हूँ।" यह अभ्यास हमारे सबकॉन्शियस दिमाग को दुबारा से प्रोग्रम करता है और हमारा आत्मसम्मान बढ़ाता है। शुरू मे ऐसा करना थोड़ा अजीब लग सकता है, लेकिन समय के साथ यह सारा खेल बदल देगा।

Healthy Relationships

टॉक्सिक लोगों से दूरी और पॉजिटिव लोगों से नजदीकियां रखे। खुश रहने के लिए रिश्ते सबसे बड़ा स्तम्भ होते है। एक दूसरे के साथ अच्छा टाइम, साथ बैठकर बाते करने, एक-दूसरे को बताना की उनके जीवन मे उनकी कितनी वैल्यू है। जिससे प्यार होता है,उसके पास होने से भी ख़ुशी महसूस होती है।

Nature Time

प्रकृति के बीच समय बिताना शरीर के साथ-साथ दिमाग के लिए भी अमृत के समान है। हररोज कम से कम 20 मिनट ग्राउंड या पार्क मे जाकर घूमे, बेंच पर बैठकर आस-पास के पेड़-पौधो को देखें अपने फ़ोन को नहीं। धुप मे बैठे जो विटामिन D देती है, शुद्ध और साफ हवा मिलती है, और शरीर मे तनाव कम होता है।

Limit Social Media

आजकल लोगो का ज्यादातर समय सोशल मीडिया स्क्रॉलिंग मे निकलता है, इसको लिमिट मे करने की जरूरत है। स्टडी से पता लगा है की जरूरत से ज्यादा सोशल मीडिया एंजाइटी और डिप्रेशन को बढ़ावा देती है। इसके लिए खुद से डिजिटल डिटॉक्स करें, नोटिफिकेशन ऑफ करें, और रियल लाइफ को प्राथमिकता दें।

Pursue Hobbies

एक ही काम हररोज करने से जीवन मे नीरसता आ जाती है, इसलिए वो काम करें जो आपको पसंद है। उसके लिए दिन मे या रात मे उसके लिए थोड़ा टाइम निकाले। जैसे गाना सुनना, गाना बजाना, पेंटिंग या लिखना जो भी अच्छा लगे और करते हुए समय का भी ना पता लगे।

Sleep & Nutrition

एक 7-8 घंटे अच्छी नींद और दूसरा अच्छा खाना ये दो चीज़े सबको बहुत ख़ुशी देती है। नींद के कमी की वजह से इंसान चिड़चिड़ा सा हो जाता हैं, और अगर उसको उच्च खाना ना मिले तब उसका मूड खराब हो जाता है। इन दोनों को इगनोर करके आप ज़िन्दगी मे ख़ुशी नहीं ढूंढ सकते। कुछ लोगो का मूड तो अच्छा खाना खाते ही अच्छा हो जाता है।
"Infographic of 10 daily practices to build happiness and positive habits 2025"

Common Mistakes to Avoid

ऐसी गलतिया जो सभी करते है, जो की ख़ुशी की दुश्मन है।

परफेक्शनिज्म: कुछ लोगो के साथ ऐसा होता है कि जब तक काम पूरा परफेक्ट ना हो कोशिश करते रहते है। इस चीज़ को अवॉयड करना चाहिए, क्यूंकि कुछ दिन ऐसे भी होंगे जब मूड अच्छा नहीं होगा और थका हुआ महसूस करेंगे , यह बहुत नार्मल है। खुद को बुरा भला कहने की जगह खुद को शाबाशी दें जो काम किया है उसके लिए।

नेगेटिव सेल्फ-टॉक: मैं पर्सनली इस बात से बहुत गुस्सा होता हूँ, कि जब लोग खुद के बारे मे ही गलत बोलते है। जैसे की "मैं कभी खुश नहीं रह सकता" या "आज मेरे साथ इतना बुरा हुआ" ये लाइन आपकी ख़ुशी को खराब कर रही है और आपको समझ भी नहीं आता। आपको लगता है की हम सही तो बोल रहे रहे है, पर आपका दिमाग विश्वास कर लेते है जिसके नतीजे भुगतने पड़ते है। जब भी खुद के लिए दिल से नेगेटिव विचार आये तभी खुद को रोको और बोलो की "ये गलत बात है।"

इंस्टेंट ग्रेटिफिकेशन: कुछ लोग थोड़ा करते है और उसी मे संतुष्ट हो जाते है। वो अपनी एक्साइटमेंट को ही ख़ुशी मान लेते है। शांत रहना भी ख़ुशी का एक प्रकार है। जो लोग छोटी-छोटी चीज़ो पर संतुष्ट हो जाये वो अपने जीवन मे बड़ी चीज़ो पर ध्यान नहीं देते। उसी समय मिलने वाली ख़ुशी कि बजाय, लम्बे समय तक रहने वाली ख़ुशी पर ध्यान देना चाहिए।
"Common mistakes to avoid in happiness practice like perfectionism and negative self-talk"

How to Track Your Happiness Progress

जब ख़ुशी पर नजर रखेंगे तभी तो पता लगेगा की हमारे जीवन मे कितनी सारी चीज़े है, जो हमें ख़ुशी देती है। उसके लिए एक डायरी खरीद ले, और हररोज अपने मूड को नंबर दें 1 - 10 तक। कई सारी ऑनलाइन ऐप्स भी होगी जो आपके लिए ऐसा कर सकती है। इससे आपको देखने मे सहायता मिलेगी देखने मे कि कौनसी चीज़ आपके लिए अच्छा काम कर रही है। आजकल लोग इतने सारे चैलेंज लेते है, आप भी 30-डे हैप्पीनेस चैलेंज शुरू करें : जो भी तरीके मैंने ऊपर बताये है उनको प्रैक्टिसेज करो और अपना टारगेट सेट करो। जब महीने के बाद आप नतीजे देखोगे आप भी चौंक जाओगे।
"30-day happiness progress tracker chart with mood rating and challenge"

निष्कर्ष

Being happy is practice - यह बात अब आप अच्छे से समझ गए होंगे। खुशी कोई मंजिल नहीं हैं जहाँ आप एक बार पहुँचकर रुक जाएंगे, बल्कि यह एक मसल है जिसे हररोज प्रैक्टिस से बनाया जाता है। ऊपर बताई गई प्रैक्टिसेज में से सिर्फ 2-3 को भी अगर आप रोज फॉलो करें, तो 30 दिनों में आपकी लाइफ में नोटिसेबल चेंज आएगा। शुरुआत छोटी करो, लेकिन आज से ही करो। कमेंट में बताओ कौन सी प्रैक्टिस सबसे पहले पहले करोगे? इस पोस्ट को शेयर करो ताकि और लोग भी खुश होने के सफर पर निकले।
"Group of happy people smiling concluding being happy is practice"


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