The Ripple Effect of Spreading Happiness
सभी पाठको को दिल से नमस्कार।
आज आपका फिर से स्वागत करता हूँ एक नए ब्लॉग मे,
उम्मीद करता हूँ बाकि सभी ब्लोग्स की तरह यह भी आपको पसंद आयेगा।
अगर इसी चीज़ को हम अपने जीवन मे देखे। हमारी एक
छोटी सी ख़ुशी, एक प्यारी सी मुस्कान, या एक छोटा सा अच्छा काम उस पत्थर की तरह है।
और हमारे आस-पास का परिवार, समाज, और यह दुनिया उस तालाब की तरह है। जब भी अपनी ख़ुशी
बाँटते हैं, तो तो उसका प्रभाव सिर्फ आप तक या सामने वाले व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता।
यह एक लहर की तरह फैलता ही जाता है। एक के बाद एक नए लोगो को ज़िंदगियों को छूता है,
और एक दिन बहुत ज्यादा बढ़ कर वापिस आता है। यह तो अपने सुना होगा की ख़ुशी बाँटने से
बढ़ती है।
आज का यह ब्लॉग उसी शक्तिशाली 'खुशी की लहर' के
बारे में है। हम जानेंगे कि खुशी फैलाना केवल एक नैतिक कर्तव्य नहीं, बल्कि एक वैज्ञानिक
और मनोवैज्ञानिक रूप से सिद्ध अवधारणा क्यों है, जो न सिर्फ दूसरों को, बल्कि स्वयं
हमें भी लाभ पहुँचाती है।
विज्ञान की नजर से: दूसरों को खुश करना हमें खुद
क्यों खुश करता है?
यह बात हम सबने अपने जीवन मे अनुभव की है कि जब
हम दूसरों की सहयता करते है या किसी को खुश होता देखते है हमे एक गहरी संतुष्टि और
आनंद की महसूस होता है। यह हैरान कर देने वाली चीज़ हमारे शरीर के रसायन का जादू है।
जब भी हम कोई दयालुता और उदारता का काम करते है, तो हमारा दिमाग कुछ 'खुशी के रसायन'
(Happy Chemicals) छोड़ता है:
इन रसायन की बाटे मैंने पहले वाले ब्लॉग मे लिखी
है, आप वहाँ जाकर भी इसको पढ़ सकते है (Happiness)
- सेरोटोनिन (Serotonin): यह हमारे दिमाग का न्यूरोट्रांसमीटर है जो हमारे मूड, भूख और नींद को नियंत्रित करता है। जब भी हम किसी की सहायता करते है, हमारे दिमाग मे सेरोटोनिन का स्तर बढ़ जाता है। जिससे हमारा दिल ख़ुशी से भर जाता है, हमे अपने किये काम पर गर्व महसूस होता है। यह हमारे शरीर मे एक प्राकृतिक 'फील-गुड' रसायन (Chemical) है।
- डोपामाइन (Dopamine): यह हमारे दिमाग का वह रसयान है जिसे 'इनाम का रसायन' भी कहा जाता है। जब भी कोई अच्छा काम करते है, हमारा दिमाग उसे एक इनाम की तरह देखता है, और शरीर मे डोपामाइन की एक लहर पैदा करता है, जो हमे ख़ुशी का अनुभव करवाती है। यही कारण है कि जब हम दूसरों को दान या उपहार देते है हमे ख़ुशी मिलती है।
- ऑक्सीटोसिन (Oxytocin): यह हमारे दिमाग का वह रसायन है, जिसे 'प्यार का हार्मोन' या 'हग हार्मोन' भी कहा जाता है। यह समाज मे अच्छे रिश्ते, विश्वास और सहानुभूति को बढ़ाता है। जब भी हम दिल से किसी के लिए दयालुता दिखाते है, फिर वो एक मुस्कान हो एक सहायक बातचीत, हमारे शरीर में ऑक्सीटोसिन का स्तर बढ़ जाता है। हैरानी की बात यह है कि ऑक्सीटोसिन न सिर्फ हमें अच्छा महसूस कराता है, बल्कि यह रक्तचाप को कम करने और तनाव के स्तर को घटाने में भी मदद करता है।
इस प्रकार, खुशी फैलाना एक 'जीत-जीत' स्थिति है।
आप जिसको ख़ुशी देते है, वह तो खुश होता ही है, साथ मे हमारा अपना शरीर इसके लिए रासायनिक
'इनाम' देता है। यह हमें प्रकृति द्वारा दिया गया एक उपहार है।
खुशी की लहर कैसे काम करती है?
इन सभी रासायनिक प्रभाव को एक कहानी
से समझने की कोशिश करते है:
राज एक इंजीनियर है, जो सुबह 6 बजे उठता है, अपनी पत्नी के लिए चाय बना देता है। यह एक छोटा सा काम है, जिस पर किसी का ध्यान नहीं जाता। राज की पत्नी का नाम रानी है,वह 6:30 बजे पति द्वारा बनाई गयी चाय पीकर बहुत खुश हो जाती है। इस एक छोटे से काम से उसके दिन की शुरुवात होती है, वह अच्छे मूड से घर से निकलता है।
रास्ते मे, एक ऑटो वाले को किराये से ज्यादा पैसे दे देता है, उसको लगता है वह बहुत मेहनती है। ऑटो वाला राज की इस उदारता से खुश होकर, अगली सवारी जो एक बुजुर्ग महिला थी उसको मुफ्त में अपने गंतव्य तक छोड़ देता है।
वह बुजुर्ग महिला, ऑटो वाले की सहायता
से इतनी खुश होती है कि वह घर पहुँचकर अपने अकेलेपन से जूझ रही पड़ोस की एक लड़की,
कमलेश, को फोन करके उसका हाल-चाल पूछती है और साथ बैठकर चाय पीने के बुलाती है।
कमलेश उस बुजुर्ग महिला के प्यार और
साथ से इतना खुश होती है, वह सोशल मीडिया पर एक अच्छी सी पोस्ट लिखी है कि छोटे-छोटे
काम इंसान के जीवन मे बदलाव ला सकते है। एक-दूसरे के लिए लिए काम हमेशा खशी देते है।
रात को करीब 9 बजे राज घर पंहुचता
है और अपने फ़ोन पर कमलेश की वह पोस्ट देखता है। वह खुश होता है, यह जाने बिना कि उस
दिन कि ख़ुशी कि शुरुवात उसने अपनी एक छोटी सी मुस्कान से शुरू की थी।
खुशी फैलाने के छोटे और कारगर तरीके
ख़ुशी फैलाने के लिए बहुत बड़े-बड़े कामो की जरूरत नहीं होती। यह तो ईमानदारी और दिल से किये हुए एक छोटे से प्रयास से भी संभव है। आइये कुछ तरीके देखते है:
- सुनने (Active Listening) का अभ्यास करें: आजकल के डिजिटल युग में, हर कोई अपने दिल की बात बोलना चाहता है, लेकिन उसकी कोई सुनना ही नहीं चाहता। जब भी कोई आपसे बात करने की कोशिश करे, तब अपना फ़ोन एक तरफ रखकर, उसकी आँखों में देखें, और पूरी तरह से उपस्थित रहें। बिना उनको बीच मे टोके, बिना किसी जल्दबाजी के बस उनकी बात सुने। बहुत बार लोगो को समाधान नहीं, बल्कि एक दोस्त चाहिए होता है जो उनकी बात सुन सके। उनके पास बैठकर सिर्फ उनकी बात सुन लेने भर से ही उनके चेहरे पर मुस्कान ला सकते हैं। जो अच्छे और मजबूत रिश्तो की नींव होती है, एक-दूसरे को सुनना।
- निस्वार्थ तारीफ (Selfless Compliment) दें: किसी की सच्ची और दिल से की गयी तारीफ सामने वाले के लिए एक इनाम होती है। "आज तुम अच्छे लग रहे हो", "आपकी सोच बहुत अच्छी है", आपकी मुस्कान बहुत अच्छी है" ऐसे शब्द कहने मे बहुत कम समय लगता है, लेकिन सामने वाले का पूरा दिन बना देता है। तारीफ सुनकर उनका मूड अच्छा हो जाता है और पूरा दिन उनके चेहरे पर मुस्कान रहती है। ध्यान रहे तारीफ दिल से होनी चाहिए, ना की दिखावे के लिए।
- छोटे-छोटे उपकार (Random Acts of Kindness): यह वो काम है,जो सोचकर नहीं किये जाते, पर इन छोटे-छोटे कामो का प्रभाव बहुत बड़ा होता है। जैसे "किसी अनजान के लिए दरवाजा पकड़ लिया", "किसी जूनियर की काम मे मदद कर दी", अपनी सीट किसी जरूरतमंद को दी", किसी थके हुए इंसान को पानी का एक गिलास पीला दिया", ये काम इतने बड़े नहीं लगते, परन्तु जिसके लिए आप यह सब करोगे, वह लम्बे समय तक इसको याद रखेगा और क्या पता राज की कहानी की तरह आपके सामने आये।
- क्षमा करना सीखें (The Art of Forgiveness): गुस्सा और नफरत एक वो जहर है, जो दूसरों को नहीं हम खुद को दे रहे है। और हमें लगता है कि इससे दूसरे वाला व्यक्ति प्रभावित होगा। जब भी हम किसी को माफ करते है, हम उस व्यक्ति को इनाम नहीं दे रहे, बल्कि हम खुद को एक इनाम दे रहे होते है। माफ करने से हमारे मन और दिल का बोझ हट जाता है। हमारे भीतर शांति, ख़ुशी और अपने विचारो के लिए जगह बनती है। जब भी गुस्सा आये लोगो को माफ कर दे, उनकी गलती की सज़ा उनको आज नहीं तो कल मिल ही जाएगी। आपका खुश रहना बहुत जरूरी है।
- दूसरों की सफलता का जश्न मनाएं (Celebrate Others' Success): हम देखते है की समाज मे लोग अक्सर दूसरों की सफलता से ईर्ष्या करने लगते हैं। इसके विपरीत, यदि हम किसी की सफलता और ख़ुशी मे उसके साथ खड़े होंगे और पूरी गर्मजोशी और दिल से बधाई देंगे, तब यह एक मजबूत रिश्ता बनता है। जब रिश्ते मजबूत हो और एक दूसरे को आगे बढ़ने का लिए प्रेरित करते हो, वहाँ का माहौल हमेशा सकारात्मक रहता है और सब लोग मिलकर बहुत आगे बढ़ते है। और एक बात, लोगो को पता होता है की कौन उनकी सफलता से खुश है, और कौन बस दिखवा कर रहा है।
- अपना ज्ञान और समय बाँटें (Share Your Knowledge and Time): एक बात है, पैसा आप किसी को भी दे सकते हो, पर अपना समय और ज्ञान उन्हीं लोगो को देते हो जिनसे आपको दिल से प्यार होता है। क्यूंकि हमें पता है हमारा समय और ज्ञान ही जो "बहुमूल्य" है। किसी जूनियर को मेंटर करना, किसी बच्चे को पढ़ाना, या किसी दोस्त को सलाह देना इन सब कामो का प्रभाव लम्बे समय तक होता है। आप किसी को एक मछली दे सकते हो, लेकिन अगर आपने उसको मछली पकड़ना ही सीखा दिया, तो आप उसका जीवन हमेशा के लिए बदल दोगे।
खुशी फैलाने के हमारा क्या फायदा?
जब हम खुद खुश होकर ख़ुशी फैलते है,
उसका सबसे बड़ा फायदा हमें ही होता है
- अर्थ और उद्देश्य की भावना: दूसरों की सहायता करने से हमें आपने जीवन का एक अर्थ और उद्देश्य का पता लगता है। हमें ऐसा महसूस होता है कि हमारा होना सिर्फ हमारे लिए नहीं, बल्कि दूसरों के लिए भी मायने रखता है। रोज सुबह टाइम से उठने का दिल करता है कि,आज क्या करना है, किन लोगो कि सहयता करनी है।
- तनाव में कमी: सबके जीवन मे बहुत ज्यादा तनाव है, पर जब हम किसी कि मदद करते है, हमारे शरीर मे ऑक्सीटोसिन कि मात्रा बढ़ने लगती है और कोर्टिसोल (तनाव हार्मोन) के स्तर कम होने लगते है। जिसकी वजह से हमारे शरीर पर तनाव का स्तर घटता है और हमें अच्छा महसूस होने लगता है।
- मजबूत सामाजिक संबंध: जब हम समाज मे अच्छे काम करते रहेंगे, और एक-दूसरे की मदद करते रहेंगे, तब हमारे आपसी रिश्ते भी मजबूत होते रहेंगे। लोग ऐसे व्यक्ति के आस-पास रहना पसंद करते हैं जो सकारात्मक और देने वाला हो। इससे हमारा सामाजिक समर्थन मजबूत होगा, जो मानसिक स्वास्थ्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
- आत्म-सम्मान में वृद्धि: जब हमारे द्वारा किये गए कामो से दूसरों की ज़िन्दगी मे सकारात्मक बदलाव आते है। तब हमें भी एहसास होता है कि हमने भी आपने जीवन मे कुछ तो किया है। लोगो के चेहरे की मुस्कान, जब वो हमें देखते है तब हमारा भी आत्म-विश्वास और आत्म-सम्मान बढ़ता है। और जो हमें और काम करने के लिए प्रेरित करता है।
निष्कर्ष
संसार मे खुशी फैलाना एक सुपरपावर
की तरह है जो हर किसी के पास है, लेकिन बहुत कम लोग इसका पूरी तरह से इस्तेमाल करते
हैं। यह कोई बाहर का काम नहीं, बल्कि काम करने कि एक मानसिकता है। यह हर पल हमारे साथ
है, फिर चाहे वह किसी निराश दोस्त को धैर्य दिखाना हो, या किसी अजनबी को एक मुस्कान
दे देना हो।
इस बात को हमेशा ध्यान मे रखे कि दुनिया
को बदलने के लिए आपको कोई बहुत बड़ा काम करने की जरूरत नहीं है। क छोटा सा, सच्चा और
दिल से किया गया काम काफी है। आप ही वह पत्थर हैं जो तालाब की शांत सतह पर लहरें पैदा
कर सकता है।
तो आज से, इसी पल से, एक प्रण करें।
प्रतिदिन कम से कम एक व्यक्ति को बिना किसी स्वार्थ के, बस खुश करने का प्रयास करें।
देखें कि कैसे यह छोटी सी आदत न सिर्फ आपके आस-पास के लोगों के जीवन में, बल्कि आपके
अपने जीवन में भी एक सुखद, सकारात्मक और शक्तिशाली लहर पैदा करती है। क्योंकि अंततः,
खुशी बाँटने से ही बढ़ती है।
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