From marriage to murder: Why are relationships deteriorating?
आप सब पाठको को मेरा नमस्कार,
मैं आपके प्यार और सरहाना के लिए अपने दिल की गहराईओं से धन्यवाद करता हूँ। आज हम जिस बात की चर्चा करने वाले है, वो एक बहुत ही महत्वपुर्ण विषय है। आजकल हम हररोज समाचारो मे पढ़ रहे है कि पत्नियों द्वारा पतियों की हत्या की जा रही है। क्या वजह है जो समाज मे ये चीज़ दिन प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही है? क्या चीज़े है जो पत्नीयो को ऐसा करने पर मजबूर कर रही है, उनके रिश्ते या फिर उनकी सोच?
सब समाजो मे विवाह को एक पवित्र सम्बन्ध माना गया है। जिसमे एक औरत और एक मर्द कई
सारी कस्मे खाते है। सभी धर्मो के विवाह मे अलग-अलग विधियाँ होती है, जैसे हिन्दू समाज मे अग्नि को साक्षी मान कर 7 फेरे लिए जाते है, मुस्लिम समाज मे विवाह एक अनुबंध के रूप मे होता है, जो 2 गवाहों की उपस्तिथि मे स्वीकृत होता है। सिख समाज मे गुरु ग्रन्थ साहिब के चारों और 4 चक्कर लगाए जाते है, और भी जितने अलग-अलग समाज है उनकी खुद की मान्यताओं के हिसाब से विवाह होते है। लोग तो यहाँ तक भी कहते है कि रिश्ते स्वर्ग मे बनते है और धरती पर मिलते है।
विवाह के समय दो लोग ख़ुशी-ख़ुशी उन वचनों को निभाने की कसम खाते है और कुछ समय बाद उनको तोड़ देते है। विवाह के दौरान वो कौन-कौन से वचन होते है जो हर समाज मे लिए जाते है। आइए देखते है की किस समाज मे कितने वचन होते है और उनकी क्या विशेषता है।
पहले हिन्दू समाज से शुरू करते है, जिसमे 7 वचन होते है :
- तीर्थव्रतोद्यापन यज्ञकर्म: मिलकर धार्मिक काम करने का वचन (जैसे तीर्थयात्रा, व्रत-उपवास आदि)
- माता-पिता का सम्मान: एक-दूसरे के माता-पिता को अपने माता-पिता की तरह सम्मान करने का वचन
- जीवन भर साथ: जीवन के हर अच्छे-बुरे समय मे एक दूसरे के साथ देने का वचन
- परिवार की जिम्मेदारी: पहले दोनों ही घर की जिम्मेदारियों से मुक्त थे, अब दोनों मिलकर जिम्मेदारियों को पूरा करेंगे का वचन
- आर्थिक सहयोग: दोनों मिलकर घर के खर्चो मे सहयोग करने का वचन
- सम्मान: दोनों एक दूसरे की भावनाओं का सम्मान करेंगे का वचन
- असुविधा: दोनों एक दूसरे के अलावा किसी तीसरे को रिश्ते के बीच नहीं आने देंगे का वचन
सिख समाज मे विवाह को "आनंद कारज" बोला जाता है , जिसका अर्थ होता है " ख़ुशी का समारोह" या "सुखी जीवन की और बढ़ना"। "आनंद कारज" के दौरान, गुरु ग्रन्थ साहिब से प्रार्थनाएं पढ़ी जाती हैं और चार फेरे लिए जाते है। हर एक फेरे पर वर-वधु दोनों एक-दूसरे से कुछ वचन करते है।
- इसमें दोनों धार्मिक जीवन को अपनाने की और सांसारिक लालच को त्यागने का वचन करते है।
- इसमें दोनों अपनी आत्मा की शुद्धि और गुरु के प्रति समर्पण का वचन करते है।
- इसमें दोनों अपनी वासनाओ को जीत कर दिव्य प्रेम को प्राप्ति का वचन करते है।
- इसमें दोनों एक-दूसरे को मोक्ष के रास्ते पर चलने के लिए प्रेरित करने का वचन करते है।
हम चर्चा करेंगे कुछ ऐसे बिन्दुओ पर जो की उनका ऐसा करने की संभावित वजह हो सकती है।
उनमे से कुछ सामाजिक, मनोवैज्ञानिक और आर्थिक कारण हो सकते है। जिनकी वजह से पत्नी ऐसा कदम उठाने से भी नहीं हिचकती।
1. सामाजिक दबाव और पारिवारिक हिंसा : हमारा समाज मे महिलाओं पर सामाजिक दबाव बचपन से ही शुरू हो जाता है। हम कहते है कि लड़का-लड़की एक समान होते है। परन्तु लोग लड़की होने पर इतना खुश नहीं होते जितना एक लड़का पैदा होने पर होते है। समाज लड़कियों को एक अभिशाप की तरह देखता है।
जब लड़कियों का मानसिक विकास हो रहा होता है, तब उनको समाज के बनाये नियमो के बारे मे बताया जाता है जैसे कि तुम पराया धन हो, उसके कपड़ो के बारे मे बताया जाता है, किस तरह खड़ा होना, किस तरह बैठना, एक लड़की अपने घर के अलावा खुल कर हँस भी नहीं सकती।
जब वह बड़ी हो जाती है उसके विवाह का समय आ जाता है वह अपने घर को छोड़ दूसरे घर जाती है। जहाँ उसकी पहचान का कोई भी नहीं होता, वह अकेली सी सहमी वहां रहती है। उसके ऊपर घर वालो को खुश रखने का दबाव होता है, एक गलतो होने पर इतना सुना दिया जाता है कि तेरी माँ ने ये नहीं सिखाया, और भी बहुत सारी बातें।
कुछ लोग दहेज़ के लिए लड़कियों को इंसान ना समझकर जानवरो कि तरह पीटते है। उसका और उसके घरवालो का बार-बार अपमान करते है। उनपर दबाव बनाते है की अपने घरवालों से चीज़े मांगकर इनका घर भर दे। जब यह दबाव और हिंसा इतनी बढ़ जाती है, तब लड़कियाँ ऐसा कदम उठाने पर मजबूर हो जाती है।
2. आर्थिक लालच या बीमा पॉलिसी : यह बात सच की हर चीज़ के लिए पैसो की जरूरत होती है। इसलिए लोग पैसा जोड़ कर रखते है, ताकि बुरे समय मे ये पैसा ही काम मे आएगा। लोग जीवन बीमा पॉलिसी खरीदते है, कि अगर उन्हें कुछ हो जाए परिवार को पैसा मिल जाए। परन्तु लोगो को ये नहीं पता होता की यही पैसा उनकी हत्या का कारण भी बन सकता है।
आज का समय ऐसा समय है जहाँ लोगो को प्यार और इंसानियत की कदर कम, उनके पैसो की कदर ज्यादा है। उनका रिश्तो मे कितना ही बड़ा नुकसान क्यों ना हो रहा हो उनको फिर भी पैसो से ही मत्लब होता है। पहले लोग अपने रिश्तो की कदर करते थे और उनके रिश्ते मरते दम तक भी होते थे, पर ऐसा अब कम ही देखने को मिलता है।
जो पत्नियाँ लालची होती है, और उन्हें पता लगता है कि उनके पति के पास कितना पैसा है, कितनी सम्पति है। तब उनका यह लालच उनसे उनके पति की हत्या तक भी करवा देता है। उन्हें लगता है कि पति के जाने के बाद सब कुछ उनका होगा ,पर उन्हें हत्या के केस मे जेल जाना पड़ता है।
3. अनैतिक संबंध या प्रेम प्रसंग : बड़े-बड़े महानगरों मे "एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर" एक कॉमन शब्द हो गया है। जिसमे पति का किसी और महिला से और पत्नी का किसी और मर्द से शारीरिक या भावनत्मक सम्बन्ध होते है। उन्हें अपने पति से प्यार नहीं होता, अपने प्रेमी से पति से भी ज्यादा प्यार होता है।
पत्नी और प्रेमी साथ मे रहकर साथ उम्र बिताना चाहते है,परन्तु पति के ज़िंदा होने तक पत्नी प्रेमी के साथ नहीं रह सकती। पति ही उनके बीच का वह काँटा होता है जो उनके बीच आता है। और अक्सर देखा गया है कि पति कि हत्या के पीछे उसकी पत्नी और प्रेमी का ही हाथ होता है।
4. मानसिक विकार या अपराधिक मानसिकता : इन दोनों शब्दों के बीच एक गहरा संबंध है। मानसिक विकार या अपराधिक मानसिकता पुरुष और स्त्री दोनों की हो सकती है। ये बात ध्यान रखने लायक है कि हर मानसिक रोगी अपराधी नहीं होता। कुछ महिलाएँ (और पुरुष भी) साइकोपैथी, सिज़ोफ्रेनिया, एंटीसोशल पर्सनैलिटी डिसऑर्डर (ASPD), बॉर्डरलाइन पर्सनैलिटी डिसऑर्डर (BPD) या अन्य मानसिक स्थितियों के कारण हिंसक व्यवहार प्रदर्शित कर सकती हैं।
अगर हम इन बीमारियों कि बात करे साइकोपैथी एक पर्सनैलिटी डिसऑर्डर है, इसमें इंसान मे हिंसक प्रवृत्ति, भावनात्मक कमी और पछतावे की कमी होती है। "सिज़ोफ्रेनिया" इसमें इंसान को भ्रम हो सकता है कि को उसे मारना चाहता है। "एंटीसोशल पर्सनैलिटी डिसऑर्डर (ASPD)" इसमें लोग नियमो कि अवहेलना करते है और बहुत आक्रामकता और हिंसक होते है। "बॉर्डरलाइन पर्सनैलिटी डिसऑर्डर (BPD)" ऐसे लोगो मे भावनात्मक अस्थिरता होती है, जिसकी वजह से ये लोग बहुत जल्दी हिंसक हो जाते है।
अंत मे यही कहना चाहता हूँ कि विवाह एक पवित्र बंधन है , लेकिन कुछ मामलों में पत्नियाँ पति की हत्या जैसे कदम उठा लेती हैं। इसके पीछे घरेलू हिंसा, आर्थिक लालच, अनैतिक संबंध या मानसिक विकार जैसे कारण हो सकते हैं। समाज को इन समस्याओं को गंभीरता से लेकर जागरूकता, कानूनी सहायता और मनोसामाजिक परामर्श को बढ़ावा देना चाहिए। एक स्वस्थ वैवाहिक जीवन के लिए प्यार, विश्वास और संवाद सबसे ज़रूरी हैं।
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