"Make boredom your greatest strength"
पहले पाठकों को मेरा सादर नमस्कार।
इससे पहले वाले ब्लॉग मे हमने "बोरियत" के लक्षण और कारणों की चर्चा की थी। बहुत से लोगो को पसंद भी आया, और उनका बहुत प्यार भी मिला। अब हम अपने इस नए ब्लॉग मे चर्चा करेंगे कि हम "कैसे बोरियत को दूर कर सकते है"। और कैसे हम खुद को सही रास्ते पर मोड़ सकते है, और सफलता पा सकते है।
"बोरियत" यह एक उर्दू भाषा का शब्द है जिसका अर्थ है "ऊब"। और इसका मूल शब्द फ़ारसी भाषा कि "बोरी " से आता है जिसका अर्थ है "बोझ" या "वजन "। जब भी कोई चीज़ या सोच बोझ बन जाती है, तब वह ऊब का यानि बोरियत का कारण बनती है। "बोरियत" शब्द का इस्तेमाल अक्सर उर्दू कि शायरी मे होता है, माशूक कि बेरुखी या ज़िंदगी मे नीरसता बताने के लिए।
हमे "बोरियत" को दूर करने कि नहीं, अपने लक्ष्य को ढूंढ़ने कि जरूरत है। जैसे ही हम इस बात को समझ लेंगे, वैसे ही बोरियत हमसे कोसो दूर भागने लगेगी। जब हमारे पास कोई लक्ष्य होता है, तब हम खुद को प्रेरित करते है। जिसकी वजह से हम ज़िन्दगी मे कुछ अच्छा कर पाते है।
हम अक्सर देखते है जिस काम मे हमारा मन नहीं लगता, हम उसी काम से ज्यादा बोरियत महसूस करते है। परन्तु जब हमे अपने लक्ष्य का पता होगा, हम नए रास्तो कि खोज करेंगे। खोज के दौरान दिक्कते आएंगी पर हम एक दिन अपने लक्ष्य को जरूर पा लेंगे।
अब हम विस्तार से कुछ मुख्य वजह की चर्चा करेंगे कि बोरियत हमारे लिए जरूरी क्यों है और कैसे हम इस बात को समझकर अपनी ज़िंदगी मे बदलाव कर सकते है :
1. मन की आराम की जरूरत : हमारा शरीर और मन एक हद तक ही काम कर सकते है, उसके बाद उनको आराम करने की जरूरत होती है। आराम ना मिलने की वजह से इनके काम करने की क्षमता पर बहुत फर्क पड़ता है।
शुरुवात मे हम किसी भी काम जल्दी और आसानी से कर लेते है। क्यूंकि हम अपने काम के प्रति बहुत उत्साहित होते है। पर धीरे-धीरे काम की गति बढ़ने की बजाय गति और धीमी हो जाती है ऐसा होने की वजह क्या है ?
एक ही काम करने की वजह से मन को बोरियत होने लगती है, जिस वजह से उसकी काम कि गति कम हो जाती है। मन का ये तरीका है, बताने का कि अब आराम कि जरूरत है।
2. रचनात्मकता को बढ़ावा : जब भी हमे बोरियत महसूस होने लगती है, हमारे दिमाग का एक खास हिस्सा काम करने लगता है जिसे हम रचनात्मकता कहते है। यह रचनात्मकता हमारे दिमाग मे नए विचारो को जन्म देती है।
"बोरियत" हमारे शरीर मे एक नयी ऊर्जा का संचार करती है, जब हम नयी चीज़ो के बारे मे सोचते है। हमारा दिमाग हर रोज नयी चीज़े सीखना और करना चाहता है इसलिए बोरियत भी जरूरी है दिमाग के विकास के लिए।
3. जीवन में संतुलन बनाए रखना : हम एक अच्छा जीवन उसी को मानते है जिसमे संतुलन हो, फिर वो काम का और आराम का हो, या मानसिक और शारीरिक का। सभी चीज़ो का संतुलन होना बहुत जरूरी है, वरना सारी उम्र दिक्कतों और परेशानियों मे ही निकलती है।
"बोरियत" हमे समय-समय पर याद दिलाती रहती है कि जीवन मे सिर्फ काम या गतिविधियाँ ही नहीं, आराम और विचार भी जरूरी है। यह हमे याद दिलाती रहती है ज़िंदगी बहुत कीमती है, इसको संतुलन के साथ जीना चाहिए।
4. आत्म-चिंतन का अवसर : हम बचपन से सुनते आ रहे है किअपनी क्षमताओं को पहचानो। अगर हमे अपनी क्षमताओं के बारे मे पता होगा तब हम अपनी ज़िंदगी मे सफलता पा सकते है, पर उसके लिए आत्म-चिंतन कि जरूरत होती है।
"आत्म-चिंतन" इंसान बोर होने पर ही करता है, वरना वो अपने काम मे ही लगा रहता है। हम बैठकर अपने जीवन के लक्ष्यों और इच्छाओ के बारे मे सोचते है और समझते है। इसलिए बोरियत "आत्म-चिंतन के लिए बहुत जरूरी है।
5. मानसिक स्वास्थ्य के लिए जरूरी : "बोरियत" इंसान के मानसिक स्वास्थ्य के लिए जरूरी है। काम करते रहने से या सारा समय मोबाइल चलाने से हमारा दिमाग भी थक जाता है। जिसकी वजह से मानसिक दबाव बढ़ता है।
जब दिमाग काम करते-करते थक जाता है, वह शांत होना चाहता है। वह सोचने कि गति को धीरे कर देता है। इंसान को अपने मानसिक स्वास्थ्य का ख्याल रखना चाहिए और थोड़ा बोर होते रहना चाहिए।
6. जीवन की सरलता का एहसास : बहुत से लोग काम करते हुए भगवान को कोसते रहते है कि उनकी ज़िन्दगी इतनी मुश्किल क्यों बना दी। हरपल उनके दिमाग मे यही घूमता रहता है कि ज़िन्दगी बहुत मुश्किल है।
"बोरियत" होने पर महसूस होता है कि ज़िन्दगी हमेशा काम करने के लिए नहीं, बीच मे आराम करने के लिए भी है। हमारे पास जो है हम उसको कभी देख भी ना पाए अगर हमे बोरियत ना हो।
ज़िन्दगी बहुत सरल तरीके से भी जा सकती है, अपने काम को करते रहो। जब भी बोरियत महसूस हो कुछ पल के लिए रुको और फिर से काम करो। काम को छोड़ना नहीं है, सफलता थोड़ी ही दूर पर इंतज़ार कर रही है।
अब कुछ उदारणो कि सहायता के समझने कि कोशिश करते है। जो लोग ज़िन्दगी मे बोर हुए और उन्होंने कितने बड़े-बड़े काम किये।
1. हैरी पॉटर के बारे मे सब जानते है, उनकी फिल्मो को बहुत सारे लोगो ने देखा है। उसकी लेखिका "Joanne Kathleen Rowling" एक लम्बे समय तक बेरोजगार और उदास रही। उन्होंने अपनी बोरियत और अकेलेपन को दूर करने के लिए एक काल्पनिक दुनिया बनाई, जिसे आज सब लोग जानते है।
2. “Malala Yousafzai”, एक तालिबानी लड़की है। जब तालिबान ने लड़कियों कि शिक्षा पर प्रतिबंध लगा दिया, तब उनका सामना बोरियत से हुआ। और उन्होंने ने अपने खाली समय मे शिक्षा के महत्व के बारे में लिखने और बोलने के लिए लगाया।
3. “सर आइजक न्यूटन” के बारे मे सभी जानते है। प्लेग होने कि वजह से वह लम्बे समय तक घर मे रहने के दौरान बोरियत से बचने के लिए गणित और विज्ञान का अध्ययन गहराई से किया। इसी दौरान उन्होंने गुरुत्वाकर्षण के सिद्धांत की खोज की।
और भी बहुत सारे लोग है, जिन्होंने बोरियत को एक मोके के रूप मे देखा और समाज ही बदल दिया। हमे बोरियत को नकारात्मक रूप से नहीं, बल्कि एक अवसर के रूप में देखना चाहिए। यह हमें नई दिशाएं खोजने, रचनात्मक बनने, और खुद को बेहतर ढंग से समझने का मौका देती है। अगर सही तरीके से उपयोग किया जाए, तो बोरियत जीवन में बड़े बदलाव ला सकती है।
Comments
Post a Comment
If you are trouble, let me know so we can discuss it.