Change (बदलाव) जरुरी क्यों ?

 हिंदी मे 

·         Change (बदलाव)

बदलाव शब्द का अर्थ है बदल देना या बदलना. आप कुछ भी कहे मत्लब एक सा हे रहने वाला है. आज ये बदलाव लिखने का दिल इसलिए किया ताकि मैं अपनी जिंदगी (Life) मे बदलाव लाना चाहता हू. मुझे लगा आप भी इस बदलाव का हिस्सा बने. बहुत से लोग क्या हर कोई अपनी जिंदगी को बदलना चाहते है, मगर बदल नहीं पा रहे.

एक और बात हर इंसान अपनी जिंदगी मे बदलाव चाहता है परन्तु वो खुद बदलना नहीं चाहता.अगर आप खुद को नहीं बदल सके तो दूसरों को कैसे कह सकते हो बदलने के लिए. अगर कोई इंसान अपनी जिंदगी बदलना चाहता है, उसे हक भी बनता है बदलने का, क्यूंकि ये उसकी जिंदगी है, तो फैसले और नतीजे भी उसी के होंगे. इस बदलाव को चाहने वला कोई भी हो सकता है, वो एक पढने वाला, नौकरी करने वाला, दिहाड़ी करने वाला, बच्चो को पढ़ाने वाला और जो कुछ नहीं कर रहा वो भी अपनी जिंदगी मे बदलाव लाना छठा है. कुछ लोगो को लगता है जो कुछ नहीं रहा वेहला घुम रहा है अपनी जिंदगी खराब कर रहा है. मैं उन सब लोगो से एक हे बात कहना चाहता हूं कि ये घुमने वाला इंसान उन लाखो लोगो से बेहतर है जो सिर्फ सुबह से शाम तक अपने बिस्तर पे पड़े हुए फ़ोन चला कर अपनी जिंदगी को खराब कर रहे है. क्यूंकि मे कहना चाहता हूं की बदलाव ही सच्चाई है हम जितना जल्दी इस चीज़ को समझ लेंगे उतनी जल्दी हम अपनी को बदलने के निर्णय लेने शुरू कर देंगे.

धरती बनने से पहले और आज तक और आगे भी इसमें बदलाव हो रहे है और आगे भी होते रहंगे, ये हर पल बदल रही है. जैसे घडी की सुइया हर पल घूम रही है. जब हमारा ब्रमांड बना तब से अब तक करोड़ो साल हो गये इसमें बदलाव आये और आते हे रहने वाले है. दिन-रात भी तो धरती पे निरंतर हो रहे बदलाव की वजह से हो रहे है. अगर हम धरती पे जिंदगी की बात करे तो वो एक सिंगल कोशिका से बनी थी, आज इतना बदलाव आ गया उसका उदहारण आप खुद है जो जो मेरा ब्लॉग पढ़ रहे है. आपके आस-पास इतने सारे बदलाव हमेशा से हो रहे है, अपने उन पर  कभी ध्यान ही नहीं दिया होगा.  जैसे की आपके सिर पे बाल, हाथो मे नाख़ून और भी चोटी चीज़े है, जो बढ़ भी रही है और बदल भी. कुछ बदलाव आप अपने आस-पास ध्यान देते है जैसे की पानी एक रूप से दुसरे रूप मे बदल रही है. पानी solid, liquid और गैस निरंतर बदलते रहे है. धुप निकल रही है और अचानक से बारिश शुरू हो जाती है. एक इंसान जो कमरे मे बैठा अपना काम कर रहा है उसने इस बदलाव को होते हुए नहीं देखा, जब अपनी जगह से उठ कर बाहर जायेगा, एक ही बात बोलेगा की इतना कुछ बदल गया और मुझे पता हे नहीं लगा.

एक उदहारण की बात करे आपके घर के बाहर खाली पड़ी जगह पे, किसी ने ईमारत बनानी शुरू कर दी. कुछ दिन आपको अजीब लगेगा और कुछ दिन बाद आप देखते है की देखते ही देखते वह एक बहुत बड़ी ईमारत बन गयी. एक और उदहारण देखते है, आज जिस जगह एक खुबसुरत बगीचा है वो किसी समय मे बंजर जमींन थी.

 कुछ महत्वपूर्ण उदहारण बदलाव कहनियो से

एक बार राजा अबकर, अपने मंत्रियो के साथ जिसमे बीरबल भी शामिल था. जंगल मे घूम रहे थे. चलते-चलते राजा अकबर के पैर मे एक कांटा चुभ गया. वो बहुत दर्द मे थे और बहुत खून भी निकल रहा था. इतने दर्द मे राजा ने आदेश दिया की सारी धरती को चमड़े से ढक दो, ताकि दुबारा किसी को कांटा ना चुभ जाये. बीरबल वही खड़े सब कुछ सुन रहे थे, उन्होंने बोला हजूर सारी धरती पे चमड़ा चढाने की बजाये आप अपने पैरो मे चमडा लगवा ले (यानी की जूता पहन ले) तो सारी धरती को चमड़े से नहीं ढकने की जरूरत नहीं पड़ेगी. इस कहानी से ये सिख मिलती है की आपको बड़े-बड़े बदलावों की जगह छोटे-छोटे बदलाव से भी काम बन जाता है.

कुछ सुझाव

एक student या नौकरी नहीं बन पा रही तो और अपनी जिंदगी मे बदलाव लाना चाहता है. उसे अपनी दिनचर्या को देखना होगा. लेट उठते हो, कितना समय किस चीज़ को करने मे लगाते हो, कितनी देर मोबाइल इस्तेमाल करते हो, किस विषय मे कम नंबर आते है. इन सब बातो पर ध्यान के बाद ये देखना है की बदलाव कहा और कितना करने की जरूरत है. अगर लेट उठ रहा है तो जल्दी सोने की आदत डालनी, अगर बहुत ज्यादा मोबाइल इस्तेमाल करता है तो उसको कम करना. मान लो आपके गणित मे कम नंबर आ रहे है तो गणित को दुसरे विषयों से ज्यादा ध्यान और ज्यादा समय देने से सब कुछ बदल जायेगा.

नए रिश्तो की शुरुआत मे लोगो को अपने व्यहवार, खाने-पीने, उठने-सोने, मे बहुत कुछ बदलना पड़ता है. जो आप मेरे अंतिम ब्लॉग मे भी सीमाओ के बारे मे पढ़ा होगा, उनमे बदलाव करे और आपकी जिंदगी मे खुशहाली आयेगी. कुछ लोग बहुत ज्यादा शराब पीते हो. जँहा भी जाते है, लोग शराबी कहते है. एक उपाय है जो मे आपको सुझाव देना चाहता हूं. आपको किस समय पीना ज्यादा अच्छा लगता है, और क्यूँ पीते हो. जब आपको इन बातो के जवाब मिल जायंगे, आपको अब पता है की आपको कहना बदलाव की जरूरत है.

एक इंसान अपनी जिंदगी मे आईएस (IAS) बनाना चाहता है, तो वो एक PO से तो नहीं पूछेगा की उसे क्या और कैसे करना चाहिए. वह उसी व्यक्ति को फॉलो करेगा उसने कैसे किया, किस समय किया, क्या उनकी समय सारणी थी, उनके पढने का तरीका वो सब कुछ जानना चाहएगा, ताकि वो अपना IAS बनने का सपना पूरा कर सके. शुरुआत मे बदलाव करने मे बहुत दुःख देने वाला लगता है, परंतु धीरे- धीरे काम करने से आपको लंबे दौर मे उसका बहुत फायदा होगा. सुबह जल्दी उठाने मे मुश्किल होगी, कुछ दिन परंतु जब सुबह उठने की आदत बन जाएगी आपको बहुत अच्छा लगेगा और आपकी जिंदगी मे बहुत बकुच बदल जायेगा.

नोट: एक इंसान को हमेशा बदलाव के लिए तैयार रहने चहिये. जो इंसान खुद को नहीं बदल सकता, वो दूसरों को भी नहीं बदल सकता. अपने जीवन मे किस वजह से दिक्कत हो रही है, उसको पहचान कर उसमे बदलाव करो. आपकी जिंदगी मे अगर कोई बदलाव कर सकता है हो वो आप खुद है.




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