"Why is comparison the greatest enemy of our happiness?"
सभी पाठको का मेरा दिल से नमस्कार आप सभी के प्यार और सराहना के लिए दिल से शुक्रिया। रिश्तों को अच्छा और मजबूत बनाने के लिए समय लगता है, आप और मैं (हम) उसी रास्ते पर है। आज का जो विषय चर्चा के लिए लाया हूँ, वो बहुत ही दिलच्सप है। इस विषय के बारे मे सब लोग जानते है, क्यूंकि बचपन से ही हम इसका शिकार होते आ रहे है। "तुलना" सब इस शब्द को अच्छे से जानते है। कभी न कभी आप भी इसका शिकार जरूर हुए होंगे, या हररोज इसका शिकार हो रहे हो। "तुलना" को खुशियों का दुश्मन भी समझा जाता है। क्यूंकि जो है "उस पर नहीं, जो नहीं है उस" पर ज्यादा ध्यान केंद्रित किया जाता है। आज हम इसी पर चर्चा करेंगे की "तुलना किस तरह हमारी खुशियों का गला घोट देती है "। आइये पहले देखते है, की सबसे ज्यादा तुलना कहाँ और किस वजह से होती है। सोशल मीडिया पर तुलना, पैसो के लिए तुलना, रिश्तेदारों से तुलना, शारीरक सुंदरता को लेकर तुलना, सफलता की तुलना,अच्छे माता-पिता हों या नहीं की तुलना और जो अंत मे उम्र के हिसाब से तुलना। इन सभी तुलनाओं की वजह से बहुत लोग घुट-घुट कर जीते है, और कुछ लोग जो य...