कहानी एक क़िताब की
कहानी एक क़िताब की एक क़िताब महज एक क़िताब नहीं , वह किसी की जिंदगी का एक हिस्सा होता है . जी उसने काफी लम्बे समय की रिसर्च और मेहनत का नतीजा है . जो उसने दिन - रात की अनगिनत घंटो के बाद वह पन्नो पर छापी है . इस blog मे आपको एक कहानी के सफर की शुरुवात से अंत तक बताने की कोशिश करूँगा. एक क़िताब बनती है, लाखो शब्दों से, उन लाखो शब्दों को लिखने से पहले हज़ारों शब्दों को काटा गया होगा, कुछ शब्दों को दुबारा से लिखा गया होगा. ये कहनी सिर्फ लेखक की नहीं, उन शब्दों की भी है जो उसमे लिखे हुए है, और हर एक शब्द की खुद की एक अलग पहचान है. शब्दों से पहले एक विचार होता है, जो लेखक के दिमाग मे होता है, जिसके चारो तरफ कहानी लिखी जाती है. लेखक अपने विचारो को शब्दों के रूप मे एक क़िताब मे लिख देता है, ताकि और भी लोग उसको पढ़ सके और उससे कुछ सीख सके. कहानी लिख देना तो मात्र शुरुवात भर है, जैसी जिसको अची लगी लिख दी, मगर कहानी का असली संघर्ष तो उसके बाद ही शुरू होता है, जो शब्द लेखक ने लिखे है, वो किसी क़िताब मे छपने लायक भी है या नहीं? लेखक ...