Stop Complaining: They Are Mirrors That Give You a Chance to Change Yourself
शिकायतें खत्म करो: वो आईना हैं जो तुम्हें बदलने का मौका देते हैं हमारी ज़िंदगी शिकायतों से भरी पड़ी है। जो सुबह उठते ही शुरू हो जाती है जैसे "ये अलार्म इतनी जल्दी क्यों बज जाता है" फिर "रास्ते मे इतना जाम क्यों है?, फिर ऑफिस मे "बॉस ने इतना काम दे दिया", "आज इतनी तारीख हो गयी सैलरी अभी तक नहीं आयी", "ये सरकार कुछ नहीं करती", "मेरी तो किस्मत ही खराब है", "लोगो को बहुत आसानी से मिल जाता है मुझे क्यों नहीं मिलता" और सोने तक यह सिलसिला चलता रहता है। पर क्या अपने सोचने की कोशिश कि आपकी सब शिकायते जा कहाँ जा रही है? क्या हवा मे गुम हो जाती है? या फिर किसी ऐसे के पास पंहुचती है जो हमारी मदद कर सके? सच तो ये है कि हमारी ज्यादातर शिकायतें एक खाली कुएँ में फेंके गए पत्थर की तरह हैं। बस कुछ पल की आवाज़ होती है और फिर सब शांत हो जाता है। उस आवाज़ से सिर्फ हमारा ही मानसिक संतुलन खराब होता है। दिमाग बुरे और दूसरो के लिए गलत विचारों से भर जाता है। कोई अच्छा करने कि कोशिश भी करें उसमे भी बुरा ही दिखता है, वजह हमने इतनी शिकायते जो की है। ───...