बड़ी-बड़ी इमारते
हम सब हर रोज बड़ी-बड़ी इमारतो के पास से गुजरते है, और सोचते है कि इसकी ऊंचाई इतनी ज्यादा क्यों है, और इतनी बड़ी बनाने मे समय कितना लगा होगा, और कितने सारे लोगो ने इसको ऐसा बनाने के लिए कितनी मेहनत की होगी. हम सबको भी अपनी ज़िन्दगी मे ऐसी बड़ी-बड़ी इमारते बनानी है, और हम सब को सफल होना है, और कोई एक भी पीछे नहीं रहना चाहिए. जो भी रहेगा हम उसकी सहायता करंगे और उसको भी आगे लेकर आयंगे. जिस तरह एक बड़ी इमारत एक-एक ईंट लगने से बनी है, उसी तरह हमे भी दिन-दिन करके अपनी जिंदगी मे सफलता के रास्ते पर चलना है, और होले-होले एक दिन हम अपनी मंजिल पा लेंगे. सफलता दूर नहीं है बस अभी दिखाई नहीं दे रही. नोट: हम सब अपनी ज़िन्दगी मे सफल होंगे, जब हम दिन-दिन करके अपने काम करते रहेंगे.