मिलने के बाद अलग होने का एहसास
मिलने के बाद अलग होने का एहसास "पकड़ने में प्यार है और जाने देने में प्यार है।" एलिजाबेथ बर्ग अलग होने की शुरुवात तो मिलने से ही शुरू हो जाती हैं, जिस प्रकार जन्म के समय ही मृत्यु। इन सब चीजों को अलग नहीं जा सकता जैसे जीवन-मृत्यु, मिलना-बिछुड़ना, रोना-हँसना इत्यादि। इस धरती पर जिस भी चीज़ की शुरवात हुई हैं, उसका अंत होना निश्चित हैं और हमारे चाहने भर से कुछ भी न होगा। अगर हम सोचे की हम समय को रोक कर चीजों को सुधारने की कोशिश करे, वह कभी भी मुमकिन नहीं हो पायेगा। समय को र...